दिल गुलजार होना चाहिए…

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👉दिनांक : १९/०४/२०२१
👉दिन : सोमवार
👉विधा : गजल
👉बह्र : 2122, 2122, 2122, 212
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【1】
आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए ।
जिंदगी का इक हसीं दीदार होना चाहिए ।
【2】
नफरतों ने जख्म कितनों को दिया है आजतक
ऐसी बातों से हमें इनकार होना चाहिए ।
【3】
खुद लुटाई है चमन ने फूल की खुशबू सदा
हक सभी का एक सा इकरार होना चाहिए ।
【4】
आदतें ऐसी न हों गिरना पड़े हर राह पर
हों बुरे हालात पर खुद्दार होना चाहिए ।
【5】
हो इमारत संगमरमर ये जरूरी तो नहीं
पर “विजय” अपना ये दिल गुलजार होना चाहिए ।
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👉स्वरचित, स्वप्रमाणित
👉विजय कुमार सिंह
👉पटना, बिहार.
👉@सर्वाधिकार सुरक्षित

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