खयालों, ख्वाबों में…

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : २१/११/२०२०👉दिन : शनिवार👉विधा : गजल🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹खयालों, ख्वाबों में अभी मैं जिंदा हूँ ।जमाना मानता नहीं, शर्मिंदा हूँ ।🌹🌹यकीं, जज्बा लिए लड़ा हूँ तूफाँ सेनेकी की शोहबत निभाई, निंदा हूँ ।🌹🌹🌹मेरी, उड़ने की कोशिशें नाकामी थींकहूँ क्या, आदमी नहीं, परिंदा हूँ ।🌹🌹🌹🌹लोग कहते मैं सिरफिरा हूँ, बस यूँ हीयकीनन, आज तो नहीं, आइंदा हूँ ।🌹🌹🌹🌹🌹मिटी […]

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घूरती निगाहों का…

👉दिनांक : ०४/१०/२०२०👉दिन : रविवार👉विधा : मुक्त छंद🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹घूरती निगाहों का शिकार हूँपुरुषों के समाज में व्यापार हूँलूटा उसी ने जिसका प्यार हूँइंसाफ की डगर पर समाचार हूँ ।🌹देवी रूप सदियों से विराजतीमनोकामना हेतु नित साजतीआस्था सिर्फ स्वार्थ की राह परवरदायिनी मैं सारी निगाह परदम्भ में उन्ही के मैं हुंकार हूँघूरती निगाहों का शिकार हूँ ।🌹🌹जन्मदायिनी […]

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कुछ मेरा और कुछ उनका……

👉दिनांक : २६/०९/२०२०👉दिन : शनिवार👉विधा : मुक्त छंद🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹कुछ मेरा और कुछ उनका था कसूरशायद वक़्त हमारा था बहुत मजबूर।🌹मिलन बिंदु पर आ दोनों ही मुड़ गएविपरीत दिशा के जाने क्यों हो गएमुड़कर कभी देखना गँवारा न हुआकच्चे धागों का बंधन हमारा न हुआफासले मंजिल से नित होते गए दूरकुछ मेरा और कुछ उनका था कसूर।🌹🌹नित […]

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बड़े बेदर्द…

👉दिनांक : ०७/०९/२०२०👉दिन : सोमवार👉विषय : गजल👉बह्र : 1222 1222 122🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【१】बड़े बेदर्द से लगते हैं आँसू ।कभी दिन-रात यूँ बहते हैं आँसू ।【२】खिलौना टूटता है दिल का जब जबबड़े खामोश रह छिपते हैं आँसू ।【३】कभी घायल गजल का दर्द बनकरमेरे सीने में आ बसते हैं आँसू ।【४】कहाँ है लाजमी छिपकर रहें वोमगर नजरें चुरा फिरते […]

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कभी पहचान थी…

👉दिनांक : २२/०८/२०२० 👉दिन : शनिवार 👉विषय : गजल 👉बह्र : 1222 1222 122 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 【१】 कभी पहचान थी गहरी हमीं से । अभी वो गैर से रहते हमीं से । 【२】 शिकायत क्या करें हर बात की हम नहीं है बात कोई अब हमीं से । 【३】 मुकम्मल हो गया उनका जहाँ तो खिलाफत […]

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मजा अब जिंदगी में क्या….

👉दिनांक : १६/०८/२०२० 👉दिन : रविवार 👉विषय : गजल 👉बह्र : 1222 1222 122 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 【१】 मजा अब जिंदगी में क्या रहा है । कहाँ कोई कहीं जी पा रहा है । 【२】 बनाती आशियाना हैं बलाएँ लड़ाई ये जमाना लड़ रहा है । 【३】 बड़ी बोझल हुईं उम्मीदें अब तो तलाशी सब्र खुद की […]

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शिव वंदना

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 👉दिनांक : २७/०७/२०२० 👉दिन : सोमवार 👉विषय : शिव वंदना 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹 जय महादेव, जय शिव शंकर, जय भोला, जय भंडारी की । भाले चंदा, कर में डमरू, नीलकंठ, जय जटधारी की । भुजा लोटते, लिपटे ग्रीवा, विषधर भी, जिन अंग विराजे । भगीरथी की, प्रचंड धारा, थाम वेग, जिन जट में साजें । […]

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विपदा सकल धरा….

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मन की मन में…

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रुलाने लगीं आँधियाँ…

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खुशनसीबी है……

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स्वदेशी …..

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