हर सफ़र को सुहाना बना लीजिए

👉दिनांक: ३०-०८-२६ 💥दिन :   रविवार ✍️मात्रा: 212 212 212 212 हर सफ़र को  सुहाना  बना लीजिए । राह कैसी  भी  हो  आजमा  लीजिए ।। क्यूँ खुशामद  करें  रोशनी  के  लिए । एक दीपक को खुद में जला लीजिए ।। वक्त  रूठा  हुआ  हो  अगर  पास में । तो   लगाकर  गले   मुस्कुरा  लीजिए […]

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कुछ अश्क अँधेरों में……

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : ०४/०७/२०२१👉दिन : रविवार👉विधा : गजल👉बह्र : 22 11 22 11 22 11 22🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】कुछ अश्क अँधेरों में बहाने के लिए है ।कुछ राज जमाने से छिपाने के लिए है ।【2】इक रात को खामोश निगाहों ने जगायाबरसात ये यादों की रुलाने के लिए है ।【3】है नींद कहीं और कहीं चैन गुमा हैकुछ बात है दिल […]

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हल ढूँढता हूँ…

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : २७/०६/२०२१👉दिन : रविवार👉विधा : गजल👉बह्र : 2122 2212 2122🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】उलझनों का जीवन में हल ढूँढता हूँ ।बिखरे ख्वाबों को आजकल ढूँढता हूँ ।【2】कुछ वफ़ा के किस्से हसीं जिंदगी केछाये रहते यादों में वो पल ढूँढता हूँ ।【3】इस मुकद्दर ने कितने धोखे दिये हैंऔर कितना बाकी ये छल ढूँढता हूँ ।【4】कुछ निभाई रश्में रहीं गैर […]

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मैं यहाँ महमान हूँ…..

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : २०/०६/२०२१👉दिन : रविवार👉विधा : गजल👉बह्र : 2122, 212, 2122, 212🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】आँसुओं ने ही पढ़ा, इक घुटा अरमान हूँ ।पत्थरों की राह पर, दर्द की दास्तान हूँ ।【2】टूटकर बिखरा नहीं जख्म को सीता रहामौत की आगोश में जी रहा हैरान हूँ ।【3】खेलते हैं खेल सब इंसानियत दिखती कहाँइक खिलौना बन गया खेल का सामान हूँ […]

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आँखें…

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : ३०/०५/२०२१👉दिन : रविवार👉विधा : गजल👉बह्र : 1222 1222 1222 1222🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】हुए मदहोश कितने देख कजराई हुई ऑंखें ।लुटा दिल जब मिली नजरें तो शरमाई हुई ऑंखें ।【2】हुआ तकरार प्रीतम से, बनीं नाजुक कली सी वोमनाने पर ही मानेंगी, ये रुसवाई हुई ऑंखें ।【3】खफा होकर नजर फेरें, दिखी जब बेवफाई तोकहाँ फिर बात बनती है, […]

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….मुझे पहचान दे देना

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : २३/०५/२०२१👉दिन : रविवार👉विधा : गजल👉बह्र : 1222 1222 1222 1222🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】रहा हूँ अजनबी बनकर, कोई पहचान दे देना ।लगे जो न्याय संगत तो, मुझे भी मान दे देना ।【2】कई किरदार जीता हूँ, पलों की चाहतें लेकरलगे प्यारा कभी कोई, उसे सम्मान दे देना ।【3】दिलों को छू लिया हो जो, सृजन प्यारा वही होताअगर भावों […]

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आँसू…..

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दिल गुलजार होना चाहिए…

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : १९/०४/२०२१👉दिन : सोमवार👉विधा : गजल👉बह्र : 2122, 2122, 2122, 212🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए ।जिंदगी का इक हसीं दीदार होना चाहिए ।【2】नफरतों ने जख्म कितनों को दिया है आजतकऐसी बातों से हमें इनकार होना चाहिए ।【3】खुद लुटाई है चमन ने फूल की खुशबू सदाहक सभी का एक सा इकरार होना चाहिए […]

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मौन ही थीं चाहतें…

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कोई सागर पिला देना…

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : २०/०३/२०२१👉दिन : शनिवार👉विधा : गजल👉बह्र : 1222 1222 1222 1222🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【१】तलब बूंदों से ज्यादा है, कोई सागर पिला देना ।युगों की प्यास बाकी है, बुझी ख्वाहिश जिला देना ।【२】कभी थे पास जो अपने, नजर से दूर ही रहतेदिलों की कोशिशें जारी, कमल कोई खिला देना ।【३】सजी संवरी मगर रूठी, निगाहों में समाई हैबनाकर प्रीत […]

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