मैं यहाँ महमान हूँ…..

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : २०/०६/२०२१👉दिन : रविवार👉विधा : गजल👉बह्र : 2122, 212, 2122, 212🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】आँसुओं ने ही पढ़ा, इक घुटा अरमान हूँ ।पत्थरों की राह पर, दर्द की दास्तान हूँ ।【2】टूटकर बिखरा नहीं जख्म को सीता रहामौत की आगोश में जी रहा हैरान हूँ ।【3】खेलते हैं खेल सब इंसानियत दिखती कहाँइक खिलौना बन गया खेल का सामान हूँ […]

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आँखें…

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : ३०/०५/२०२१👉दिन : रविवार👉विधा : गजल👉बह्र : 1222 1222 1222 1222🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】हुए मदहोश कितने देख कजराई हुई ऑंखें ।लुटा दिल जब मिली नजरें तो शरमाई हुई ऑंखें ।【2】हुआ तकरार प्रीतम से, बनीं नाजुक कली सी वोमनाने पर ही मानेंगी, ये रुसवाई हुई ऑंखें ।【3】खफा होकर नजर फेरें, दिखी जब बेवफाई तोकहाँ फिर बात बनती है, […]

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….मुझे पहचान दे देना

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : २३/०५/२०२१👉दिन : रविवार👉विधा : गजल👉बह्र : 1222 1222 1222 1222🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】रहा हूँ अजनबी बनकर, कोई पहचान दे देना ।लगे जो न्याय संगत तो, मुझे भी मान दे देना ।【2】कई किरदार जीता हूँ, पलों की चाहतें लेकरलगे प्यारा कभी कोई, उसे सम्मान दे देना ।【3】दिलों को छू लिया हो जो, सृजन प्यारा वही होताअगर भावों […]

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आँसू…..

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : २९/०४/२०२१👉दिन : गुरुवार👉विधा : गजल👉बह्र : 1222 1222 1222 1222🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】कहीं सूखे कहीं ठहरे कहीं बहते दिखे ऑंसूहुआ मंजर यहाँ ऐसा घटा बनकर टिके आँसू ।【2】कहीं अपनों कहीं गैरों की पीड़ा ने किया घायलमगर अवसर इसे समझा नहीं उनमें बचे आँसू ।【3】न जाने क्यों बुझे से हैं अनेकों दिल के दीपक भीबने शायद कोई […]

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दिल गुलजार होना चाहिए…

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : १९/०४/२०२१👉दिन : सोमवार👉विधा : गजल👉बह्र : 2122, 2122, 2122, 212🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【1】आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए ।जिंदगी का इक हसीं दीदार होना चाहिए ।【2】नफरतों ने जख्म कितनों को दिया है आजतकऐसी बातों से हमें इनकार होना चाहिए ।【3】खुद लुटाई है चमन ने फूल की खुशबू सदाहक सभी का एक सा इकरार होना चाहिए […]

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मौन ही थीं चाहतें…

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : ०४/०४/२०२१👉दिन : रविवार👉विधा : मुक्त छंद🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹मौन ही थीं चाहतें, मौन ही रुसवाईयाँआँसुओं की धार में, भीगती परछाइयाँ ।【1】दिल की धड़कनों में, शोर पुरजोर थासाँसों की खुशबू में, कोई चितचोर थासहमे-सहमे से कदम मार्ग नित्य ढूँढतेउसकी निगाहों में मंजिल का छोर थाबेबसी की कहानी बोलती अंगड़ाइयाँमौन ही थीं चाहतें, मौन ही रुसवाईयाँ ।【2】जुबां के […]

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कोई सागर पिला देना…

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : २०/०३/२०२१👉दिन : शनिवार👉विधा : गजल👉बह्र : 1222 1222 1222 1222🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【१】तलब बूंदों से ज्यादा है, कोई सागर पिला देना ।युगों की प्यास बाकी है, बुझी ख्वाहिश जिला देना ।【२】कभी थे पास जो अपने, नजर से दूर ही रहतेदिलों की कोशिशें जारी, कमल कोई खिला देना ।【३】सजी संवरी मगर रूठी, निगाहों में समाई हैबनाकर प्रीत […]

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छिपा बैठा सितारों में…

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : ०७/०३/२०२१👉दिन : रविवार👉विधा : गजल👉बह्र : 1222 1222 1222 1222🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹【१】कहाँ वो देखता है अब, छिपा बैठा सितारों में ।नहीं रौनक दिलों में अब, नहीं रौनक नजारों में ।【२】किसी से कुछ नहीं कहता, कहा कोई नहीं सुनतापता होता उसे ये कौन सिमटा था दिवारों में ।【३】बहुत ही तेज है तूफां, शमा दिल की बुझी […]

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कोई प्यासा किनारों में…

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वर्ष 2020

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : ३१/१२/२०२०👉दिन : गुरुवार👉विधा : गजल👉बह्र : 122 122 122 12🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹कहाँ साल बीता, बिताया गया ।अँधेरों से दिल को लगाया गया ।🌹🌹कहीं थी जुदाई, कहीं गमजदातड़प को छिपाकर बहाया गया ।🌹🌹🌹कफन को लिए साथ घर से चलेबँधे फर्ज हाथों, बुलाया गया ।🌹🌹🌹🌹बसे जिनके दिल में, न दिल से लगेन रिश्तों का बंधन निभाया गया […]

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दिल लगाना….

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹👉दिनांक : २७/१२/२०२०👉दिन : रविवार👉विधा : गजल👉बह्र : 2122 2122 2122 2122🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹अब कहाँ हैं दिल की बातें क्या किसी से दिल लगाना ।दिल जहाँ टूटा पड़ा हो फिर वहाँ क्या दिल लगाना ।🌹🌹एक आईना समझ तोड़ा किसी ने दिल कभी तोहै नहीं वो प्यार सच्चा क्या वहाँ फिर दिल लगाना ।🌹🌹🌹यार यारी को निभाते देखकर […]

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एक दीपक तो खुद से….

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